244. ज़िन्दगी खूबसूरत है,क्या आता है तुम को जीना?
[1]
ज़िन्दगी खूबसूरत है,
क्या आता है तुमको जीना?
लहर,लहर लहराती दरिया
क्या आता है तुमको तैरना?
[2]
था फूल सा तुम्हारा बाल्यकाल
प्यारा, खिलखिलाता सा था तुम्हारा बाग
पर तुम रोए,खूब रोए
क्या आया लेना कभी मां का दुलार?
[3]
पहुंचे किशोरावस्था में तुम
थी पढ्ने-लिखने की उम्र तुम्हारी
होनी थी मेहनत में लग्न तुम्हारी
क्या तुम "ये सब ये कर पाए ?
समय स्दुपयोग क्या कर पाए ?
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