140. दुनिया बनाने वाले ! क्या ख़ूब कहते हो [कविता ]
https://www.youtube.com/watch?v=C8M02QnD3IQ दुनिया बनाने वाले ! वाह , क्या खूब कहते हो- मिथ्या यह संसार है मानव ! दुखों का भंडार है मानव मोह करना इसका क्या- छोड़ो जी के जंजाल को मानव ! [ 1] क्यूँ रोते हो दुःख में तुम क्यूँ हंसते हो सुख में तुम क्या लाए थे ? जिसको अपना ...