213 कार्तिक मास==[ With meanings] अर्थ सहित श्री विष्णु सहस्त्रनामावलि ===

                      


श्री विष्णु सहस्र नामावलि

1.ॐ विश्वस्मै नमः जो स्वयं विश्व रूप हैं, उन्हें  नमस्कार,बार-बार नमस्कार  ।
2. ॐ विष्णवे नमः - जो सब जगह व्याप्त हैं,उन्हें  नमस्कार,बार-बार नमस्कार  ।
3.ॐ वषट्काराय नमः -जो यज्ञ के समय आहुति के रूप में पूजे  जाते हैं,उन्हें  नमस्कार,बार-बार नमस्कार  ।
4. ॐ भूतभव्यभवत्प्रभवे नमः -जो भूत, वर्तमान और भविष्य तीनों कालों के स्वामी हैं,उन्हें  नमस्कार,बार-बार नमस्कार  ।
5. ॐ भूतकृते नमः -सभी प्राणियों (भूतों) के रचयिता हैं",उन्हें  नमस्कार,बार-बार नमस्कार  ।

6. ॐ भूतभृते नमः - जो  समस्त सृष्टि का  भरण-पोषण करने वाले हैं,उन्हें  नमस्कार,बार-बार                                    नमस्कार  ।

7. ॐ भावाय नमः - मैं अहंकार को त्याग कर परम अस्तित्व को नमन करती हूं ।

8. ॐ भूतात्मने नमः - सभी प्राणियों के भीतर आत्मा रूप में निवास करने  वाले परमात्मा को                                      बार-बार नमस्कार हो ।
9.ॐ भूतभावनाय नमः -जो सभी प्राणियों और पंच-महाभूतों{पृथ्वी,जल,वायु,आकाश व अग्नि}को                                उत्पन्न करने वाले, पालन करने और सब में चेतना भरने वाले हैं,उन सूर्य                                      रूप  भगवान विष्णु  को  बार-बार नमस्कार करती हूं ।
10.ॐ पूतात्मने नमः - मैं उन परमेश्वर को  प्रणाम करती हूं जिनका स्वरूप अत्यन्त शुद्ध, पवित्र                                   और निष्कलंक है ।

11.ॐ परमात्मने नमः - परमपिता परमेश्वर को प्रणाम।
12.ॐ मुक्तानांपरमगतये नमः - जो मुक्ति पाने वाले जीवों  के लिए परम धाम और सर्वोच्च

                                              गंतव्य हैं, उन्हें  नमस्कार हो।
13.ॐ अव्ययाय नमः - अविनाशी, अनश्वर और अपरिवर्तनीय ईश्वर को नमस्कार हो। 
14.ॐ पुरुषाय नमः - आत्मा,परमात्मा,निराकार, साकार ब्र्ह्म तथा सर्वोच्च पुरुष को बार-बार                                      नमस्कार ।
15.ॐ साक्षिणे नमः - जो सम्पूर्ण जगत के साक्षी (द्रष्टा या गवाह) हैं, उन्हें नमस्कार हो ।
16.ॐ क्षेत्रज्ञाय नमः -
  वह सर्वज्ञ शक्ति को जो शरीर रूपी  'क्षेत्र में  आत्मा के  रूप में निवास                                 करती है और उस की भीतरी गहराइयों, इंद्रियों और मन के हर पहलू से पूर्ण                             रूप से अवगत होती है,अर्थात उसकी हर गतिविधि पर नज़र रखती है ,उसे                                 मैं प्रणाम करती हूं ।

17.ॐ अक्षराय नमः -संस्कृत के शब्द 'अक्षर' (न क्षरति इति अक्षरः) से बना है, जिसका अर्थ है

                              जो कभी नष्ट न होने वाले अविनाशी हैं,उन्हें नमस्कार हो ।

18.ॐ योगाय नमः - जिन परमात्मा का मिलन योगाभ्यायास की ध्यान-मुद्रा द्वारा होता है,

                              उन्हें  नमस्कार हो ।

19. ॐ योगविदांनेत्रे नमः - "योगविदां"-योग + वित् (जानने वाले) अर्थात योग के आचार्यों, योगियों                                या योग विद्या के ज्ञाताओं को उनके परम  लक्ष्य का स्मरण  कराने                                            वाले भगवान {विष्णु) को नमस्कार" है।  
20. ॐ प्रधानपुरुषेश्वराय नमः  -
"वह ईश्वर, जो मूल प्रकृति (प्रधान) और समस्त चेतना या                                                   जीवों (पुरुष) के भी स्वामी (नियंता) हैं, उन्हें नमस्कार हो ।

21. ॐ नारसिंहवपुषे नमः - "ॐ, जिनके शरीर का रूप सिंह और नर (मानव) जैसा है, उन                                                 भगवान को मेरा नमस्कार।"
22. ॐ श्रीमते नमः - "संपूर्ण ऐश्वर्य, वैभव और शुभता से परिपूर्ण सर्वोच्च ईश्व को मेरा बारंबार                                      नमस्कार"।
23. ॐ केशवाय नमः - हे  कैशी दैत्य का संहार  करने वाले भगवान विष्णु ,आपको  बार-बार                                            नमस्कार  हो  ।
24. ॐ पुरुषोत्तमाय नमः - सभी जीवों में उत्तम,सर्वोच्च सत्ता,सर्वेश्वर भगवान विष्णु को                                                     बार-बार नमस्कार  हो ।
25. ॐ सर्वस्मै नमः -   जो सब में  समाहित  हैं  उन्हें  नमस्कार हो ।
26. ॐ शर्वाय नमः - "शर्व" अर्थात  जो  भगवान शिव स्वरूप हैं, उन्हें  नमस्कार हो ।
27. ॐ शिवाय नमः - जो पांच मुख्य अक्षर (न-म-शि-वा-य) को ब्रह्मांड के पांच बुनियादी                                           तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश के प्रतीक  हैं, तथा  सम्पूर्ण                                    ब्रह्माण्ड की चेतना स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार, बार-बार नमस्कार हो ।
28. ॐ स्थाणवे नमः - जो अचल, स्तम्भ-रूप, अपरिवर्तनशील परमसत्ता कहे  जाते हैं, उन्हें                                    नमस्कार है ।
29. ॐ भूतादये नमः - मैं उन सर्वेश्वर को नमस्कार करती हूं जो सभी तत्वों और प्राणियों                                              के प्रथम आदि कारण हैं ।
30. ॐ निधयेऽव्ययाय नमः - "उन परमात्मा (भगवान विष्णु) को नमस्कार है, जो जीवों                                                       के कर्म, ज्ञान और संसार की सारी संपदाओं का अक्षय भंडार हैं ।

31.ॐ संभवाय नमः - जो स्वेच्छा से युगों युगों में प्रकट होने वाले  हैं, उन्हें नमस्कार हो ।
32. ॐ भावनाय नमः -
'उस परम चेतना या ईश्वर को नमस्कार जो सभी भावनाओं का उद्गम और                                   सृष्टिकर्ता हैं तथा भोक्ताओं के फलों को प्रदान करने की इच्छा करने 

                                   वाले हैं ।
33. ॐ भर्त्रे नमः - जो संसार  का भरण-पोषण करते  हैं,उन्हें नमस्कार हो ।
34. ॐ प्रभवाय नमः - जिनसे संसार प्रादुर्भूत हो, उन्हें नमस्कार हो ।
35. ॐ प्रभवे नमः - जो सबके प्रभु अर्थात स्वामी हैं, उन्हें नमस्कार हो ।
36.  ॐ ईश्वराय नमः- जो सब प्रकार से ऐश्वर्य वाले हैं, उन्हें नमस्कार हो ।
37.  ॐ स्वयंभुवे नमः - जो स्वयं उत्पन्न होते हैं, उन्हें नमस्कार हो ।
38.  ॐ शंभवे नमः- जो भक्तों को सुख प्रदान करने की भावना रखते हैं, उन्हें नमस्कार हो।
39.  ॐ आदित्याय नमः- बारह आदित्यों में जो विष्णु नाम के आदित्य हैं, उन्हें नमस्कार हो।
40.  ॐ पुष्कराक्षाय नमः- जो कमल रूपी नयन वाले हैं, 
उन्हें नमस्कार हो।

41.  ॐ महास्वनाय नमः - जो महान वेद स्वरूप शब्द करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार हो।
42.  ॐ अनादिनिधनाय नमः- जो जन्म व मृत्यु से रहित हैं, उन्हें नमस्कार हो।
43.  ॐ धात्रे नमः- जो सृष्टि को 'धारण करने वाले''पालक', या 'स्रष्टा' (रचनाकार) हैंं,उन्हें 

                                  नमस्कार हो।
44.  ॐ विधात्रे नमः- जो कर्म और उसके फलों को बनाने वाले हैं,उन्हें नमस्कार हो।
45.  ॐ धातुरुत्तमाय नमः-जो ब्रह्मा से अथवा पृथ्वी आदि धातु से श्रेष्ठ हैं,उन्हें नमस्कार हो।
46.  ॐ अप्रमेयाय नमः- जिनको शब्दादि प्रमाणों से जानना अत्यंत कठिन है,उन्हें नमस्कार हो।
47.  ॐ हृषीकेशाय नमः-जो इन्द्रियों के स्वामी हैं, उन्हें नमस्कार हो।
48.  ॐ पद्मनाभाय नमः- जो अपनी नाभि में कमल को धारण किए हुए हैं,उन्हें नमस्कार हो।
49. ॐ अमरप्रभवे नमः- जो देवताओं के स्वामी हैं,उन्हें नमस्कार हो।
50. ॐ विश्वकर्मणे नमः- जो समस्त संसार को रचने वाले विश्वकर्मा हैं,
उन्हें नमस्कार हो।

51.ॐ मनवे नमः-  जो मननशील हैं, उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
52.ॐ त्वष्ट्रे नमः- संहार के समय जो संसार को सूक्ष्म कर देते हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार 

नमस्कार हो।

53.ॐ स्थविष्ठाय नमः- जो अति स्थूल हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
54.ॐ स्थविराय ध्रुवाय नमः- जो अति प्राचीन एवं विकार रहित हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
55.ॐ अग्रह्याय नमः- जो शब्द और मन से ग्रहण न किए जा सकने वाले हों,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
56.ॐ शाश्वताय नमः- जो शाश्वत हैंअर्थात् भूत,भविष्य और वर्तमान में एक समान रहते हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
57.ॐ कृष्णाय नमः- जो अपनी ओर आकर्षित करने वाले परम आनन्द स्वरूप हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
58. ॐ लोहिताक्षाय नमः-जिनके लाल नेत्र हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
59.ॐ प्रतर्दनाय नमः- जो प्रलय काल में भूतों का नाश करने वाले हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
60.ॐ प्रभूताय नमः- जो ज्ञान, ऐश्वर्य आदि गुणों से युक्त हैं,
उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।

61.ॐ त्रिककुब्धाम्ने नमः- जो तीनों दिशाओं के  धाम स्वरूप हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
62.ॐ पवित्राय नमः- जो अति पवित्र हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
63.ॐ मंगलाय परस्मै नमः- जो समस्त मंगलों से उत्तम हैं, उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
64.ॐ ईशानाय नमः-जो समस्त प्राणियों के नियंता अर्थात पूजनीय देव हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
65.ॐ प्राणदाय नमः- जो प्राणदाता हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
66. ॐ प्राणाय नमः- जो सबको जीवन देते हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
67. ॐ ज्येष्ठाय नमः- जो सर्वकारण होने के कारण सबसे बडे हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
68. ॐ श्रेष्ठाय नमः-जो सबसे उत्तम हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
69. ॐ प्रजापतये नमः- जो समस्त प्रजा के स्वामी हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
70. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः-जो ब्रह्माण्ड रूप हिरण्यमय अण्ड केअन्दर ब्रह्मा रूप में व्याप्त रहते हैं,
उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।

71.ॐ भूगर्भाय नमः-जिनके गर्भ में पृथ्वी है,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
72.ॐ माधवाय नमः-जो 'लक्ष्मीजी  के स्वामी हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
73.ॐ मधुसूदनाय नमः- जो मधु नामक दैत्य का नाश करने वाले हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
74.ॐ ईश्वराय नमः- जो सर्वशक्तिमान हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
75. ॐ विक्रमिणे नमः- जो पराक्रमी हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
76.ॐ धन्विने नमः- जो शार्ङ्ग धनुष धारण करते हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
77. ॐ मेधाविने नमः- जो अतिशय बुद्धि वाले हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
78. ॐ विक्रमाय नमः- जो गरुड की सवारी करते हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
79. ॐ क्रमाय नमः- जो वामन हो कर समस्त संसार को केवल तीन पगों से माप लेने वाले विराट रूप हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
80. ॐ अनुत्तमाय नमः- जो परम उत्कृष्ट हैं,
उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।

81. ॐ दुराधर्षाय नमः- जिन्हें कोई पराजित या भ्रमित नहीं कर सकता,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
82. ॐ कृतज्ञाय नमः- जो जीवों के द्वारा  अपने हेतु छोटे से छोटे त्याग को भी बहुत बडा मानते हैं,
उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।

83.ॐ कृतये नमः- जो सभी कार्यों के प्रेरक हैं" या "वह जो हमारे सभी कर्मों का उचित फल प्रदान करते हैं",उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।

84.ॐ आत्मवते नमः- जो अपनी आत्मा में स्थित हैं, जो स्वयं के प्रकाश से पूर्ण और स्वतंत्र हैं, उन परमात्मा को प्रणाम।
85. ॐ सुरेशाय नमः- जो देवताओं के स्वामी हैं, उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
86. ॐ शरणाय नमः- जो दु:खों से मुक्त करने वाले हैं, उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
87. ॐ शर्मणे नमः- जो सुख रूप हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
88. ॐ विश्वरेतसे नमः- जो जगत के कारण हैं,
उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
89. ॐ प्रजाभवाय नमः- जो समस्त प्रजा को उत्पन्न करने वाले हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
90. ॐ अन्हे नमः- जो प्रकाश स्वरूप हैं,
उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।

91. ॐ संवत्सराय नमः—काल और समय के स्वरूप भगवान को प्रणाम।
92. ॐ व्यालाय नमः- जो सर्प के समान ग्रहण न किए जा सकने वाले हैं, उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
93. ॐ प्रत्ययाय नमः- जो उत्तम बुद्धि द्वारा जाने जा सकने वाले हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
94.ॐ सर्वदर्शनाय नमः-जो समस्त जगत के द्रष्टा हैं< उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
95. ॐ अजाय नम:-जो जन्म रहित हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
96. ॐ सर्वेश्वराय नमः- जो सब ईश्वरों के ईश्वर हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
97. ॐ सिद्धाय नमः- जो सदैव सिद्ध-रूप हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
98. ॐ सिद्धये नमः- जो चैतन्यस्वरूप हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
99. ॐ सर्वादये नमः- जो समस्त प्राणियों के आदिकारण हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
100.ॐ अच्युताय नमः- जो कभी अपनी स्थिति या स्वरूप से च्युत (नष्ट या भ्रमित) नहीं होते, उन अविनाशी भगवान को मेरा प्रणाम है।

101.ॐ वृषाकपये नमः-जो सभी कामनाओं को पूरा करने वाले धर्म और वराह रूप हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।  

102.ॐ अमेयात्मने नमः- "हम उस असीम, अनंत और अज्ञेय स्वरूप (जिन्हें पूरी तरह मापा या जाना न जा सके) परमात्मा या आत्मा को प्रणाम करते हैं।
103.ॐ सर्वयोगविनिःसृताय नमः- जो समस्त योगों (साधनों, ज्ञान और विद्या) से प्रकट होते हैं या जिन्हें सभी योग प्रणालियों द्वारा जाना और प्राप्त किया जाता है, 
104.ॐ वसवे नमः- जो समस्त प्राणियों में वास करते हैं,
उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।   

105.ॐ वसुमनसे नमः -जिनका मन राग-द्वेष से परे परम उत्कृष्ट है,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।   
106.ॐ सत्याय नमः- जो सत्य की मूरत हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।   
107.ॐ समात्मने नमः- जो समस्त प्राणियों में एकात्म स्वरूप से रहने वाले  हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।   
108.ॐ सम्मिताय नमः- जो एकमात्र शाश्वत सत्य हैं जिन्हें ऋषि-मुनियों ने सर्व सम्मति से स्वीकार किया है और उपनिषदों के माध्यम से प्रकट किया है,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।   
109.ॐ समाय नमः- जो अपने सभी भक्तों को एक समान देखते हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।   
110.ॐ अमोघाय नमः- जो वह परम शक्ति हैं,जिनका भजन,स्तवन,अथवा स्मरण करने पर निश्चित रूप से उनका फल देने वाले हैं, 
उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।

111.ॐ पुंडरीकाक्षाय नमः- जिनके नेत्र कमल के समान हैं, उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
112.ॐ वृषकर्मणे नमः- जिनके सभी कर्म और कार्य पूरी तरह से धर्म, न्याय और सत्य पर आधारित हैं, उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
113.ॐ वृषाकृतये नमः- जो आकार, रूप या शरीर केवल धर्म की स्थापना के लिए धारण करते हैंं, उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
114.ॐ रुद्राय नमः -
115.ॐ बहुशिरसे नमः- जो अनंत मुख और सिर वाले हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
116.ॐ बभ्रवे नमः- बभ्रु अर्थात जो सूर्य,अग्नि की भांति पिंगल अर्थात भूरे रंग वाले हैं तथा पूरे ब्रह्माण्ड का पालन करते हैं, उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
117.ॐ विश्वयोनये नमः- जो सृष्टि की उत्पत्ति के मुख्य स्त्रोत हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
118.ॐ शुचिश्रवसे नमः- जिनकी कीर्ति और यश अत्यंत पवित्र और निर्मल हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
119.ॐ अमृताय नमः- जो अमर,दिव्य,अमृत-स्वरूप परम श्रेष्ठ आत्मा हैं,उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।
120.ॐ शाश्वतस्थाणवे नमः- जो शाश्वत अर्थात् सदा रहने वाले,और स्थाणु अर्थात स्थिर,अचल व अडिग हैं,
उन्हें नमस्कार,बार-बार नमस्कार हो।

121.ॐ वरारोहाय नमः- आपके उस वराह अवतार को नमस्कार हो जिसने दैत्य हिरण्याक्ष से पृथ्वी की रक्षा की ।
122.ॐ महातपसे नमः- संपूर्ण सृष्टि की रचना का असीम और विराट ज्ञान वाले महातपस को नमस्कार हो ।
123.ॐ सर्वगाय नमः ।
124.ॐ सर्वविद्भानवे नमः ।
125.ॐ विष्वक्सेनाय नमः ।
126.ॐ जनार्दनाय नमः ।
127.ॐ वेदाय नमः ।
128.ॐ वेदविदे नमः ।
129.ॐ अव्यंगाय नमः ।
130.ॐ वेदांगाय नमः । 

131.ॐ वेदविदे नमः ।
132.ॐ कवये नमः ।
133. ॐ लोकाध्यक्षाय नमः ।
134. ॐ सुराध्यक्षाय नमः ।
135.ॐ धर्माध्यक्षाय नमः ।
136.ॐ कृताकृताय नमः ।
137.ॐ चतुरात्मने नमः ।
138.ॐ चतुर्व्यूहाय नमः ।
139.ॐ चतुर्द्रंष्ट्राय नमः ।
140.ॐ चतुर्भुजाय नमः 

141.ॐ भ्राजिष्णवे नमः ।
142.ॐ भोजनाय नमः ।
143.ॐ भोक्त्रे नमः ।
144.ॐ सहिष्णवे नमः ।
145.ॐ जगदादिजाय नमः ।
146.ॐ अनघाय नमः ।
147ॐ विजयाय नमः ।
148.ॐ जेत्रे नमः 

149.ॐ विश्वयोनये नमः ।
150.ॐ पुनर्वसवे नमः ।
151.ॐ उपेंद्राय नमः ।
152.ॐ वामनाय नमः ।
153.ॐ प्रांशवे नमः ।
154.ॐ अमोघाय नमः ।
155.ॐ शुचये नमः ।
156.ॐ उर्जिताय नमः ।
157.ॐ अतींद्राय नमः ।
158.ॐ संग्रहाय नमः ।
159.ॐ सर्गाय नमः ।
160.ॐ धृतात्मने नमः । 

161.ॐ नियमाय नमः ।
162.ॐ यमाय नमः ।
163.ॐ वेद्याय नमः ।
164.ॐ वैद्याय नमः ।
165.ॐ सदायोगिने नमः ।
166.ॐ वीरघ्ने नमः ।
167.ॐ माधवाय नमः ।
168.ॐ मधवे नमः ।
169.ॐ अतींद्रियाय नमः ।
170. ॐ महामायाय नमः ।
171.ॐ महोत्साहाय नमः ।
172.ॐ महाबलाय नमः ।
173.ॐ महाबुद्धये नमः ।
174.ॐ महावीर्याय नमः ।
175.ॐ महाशक्तये नमः ।
176.ॐ महाद्युतये नमः ।
177.ॐ अनिर्देश्यवपुषे नमः ।
178.ॐ श्रीमते नमः ।
179.ॐ अमेयात्मने नमः ।
180.ॐ महाद्रिधृते नमः 

181.ॐ महेश्वासाय नमः ।
182.ॐ महीभर्त्रे नमः ।
183.ॐ श्रीनिवासाय नमः ।
184.ॐ सतांगतये नमः ।
185.ॐ अनिरुद्धाय नमः ।
186.ॐ सुरानंदाय नमः ।
187.ॐ गोविंदाय नमः ।
188.ॐ गोविदांपतये नमः ।
189.ॐ मरीचये नमः ।
190.ॐ दमनाय नमः ।
191.ॐ हंसाय नमः ।
192.ॐ सुपर्णाय नमः ।
193.ॐ भुजगोत्तमाय नमः ।
194.ॐ हिरण्यनाभाय नमः ।
195.ॐ सुतपसे नमः ।
196.ॐ पद्मनाभाय नमः ।
197.ॐ प्रजापतये नमः ।
198.ॐ अमृत्यवे नमः ।
199.ॐ सर्वदृशे नमः ।
200.ॐ सिंहाय नमः । 200 ॥

ॐ संधात्रे नमः ।
ॐ संधिमते नमः ।
ॐ स्थिराय नमः ।
ॐ अजाय नमः ।
ॐ दुर्मर्षणाय नमः ।
ॐ शास्त्रे नमः ।
ॐ विश्रुतात्मने नमः ।
ॐ सुरारिघ्ने नमः ।
ॐ गुरुवे नमः ।
ॐ गुरुतमाय नमः ।
ॐ धाम्ने नमः ।
ॐ सत्याय नमः ।
ॐ सत्यपराक्रमाय नमः ।
ॐ निमिषाय नमः ।
ॐ अनिमिषाय नमः ।
ॐ स्रग्वीणे नमः ।
ॐ वाचस्पतये उदारधिये नमः ।
ॐ अग्रण्ये नमः ।
ॐ ग्रामण्ये नमः ।
ॐ श्रीमते नमः । 220 ॥

ॐ न्यायाय नमः ।
ॐ नेत्रे नमः ।
ॐ समीरणाय नमः ।
ॐ सहस्रमूर्ध्ने नमः ।
ॐ विश्वात्मने नमः ।
ॐ सहस्राक्षाय नमः ।
ॐ सहस्रपदे नमः ।
ॐ आवर्तनाय नमः ।
ॐ निवृत्तात्मने नमः ।
ॐ संवृताय नमः ।
ॐ संप्रमर्दनाय नमः ।
ॐ अहःसंवर्तकाय नमः ।
ॐ वह्नये नमः ।
ॐ अनिलाय नमः ।
ॐ धरणीधराय नमः ।
ॐ सुप्रसादाय नमः ।
ॐ प्रसन्नात्मने नमः ।
ॐ विश्वधृषे नमः ।
ॐ विश्वभुजे नमः ।
ॐ विभवे नमः । 240 ॥

ॐ सत्कर्त्रे नमः ।
ॐ सत्कृताय नमः ।
ॐ साधवे नमः ।
ॐ जह्नवे नमः ।
ॐ नारायणाय नमः ।
ॐ नराय नमः ।
ॐ असंख्येयाय नमः ।
ॐ अप्रमेयात्मने नमः ।
ॐ विशिष्टाय नमः ।
ॐ शिष्टकृते नमः ।
ॐ शुचये नमः ।
ॐ सिद्धार्थाय नमः ।
ॐ सिद्धसंकल्पाय नमः ।
ॐ सिद्धिदाय नमः ।
ॐ सिद्धिसाधनाय नमः ।
ॐ वृषाहिणे नमः ।
ॐ वृषभाय नमः ।
ॐ विष्णवे नमः ।
ॐ वृषपर्वणे नमः ।
ॐ वृषोदराय नमः । 260 ॥

ॐ वर्धनाय नमः ।
ॐ वर्धमानाय नमः ।
ॐ विविक्ताय नमः ।
ॐ श्रुतिसागराय नमः ।
ॐ सुभुजाय नमः ।
ॐ दुर्धराय नमः ।
ॐ वाग्मिने नमः ।
ॐ महेंद्राय नमः ।
ॐ वसुदाय नमः ।
ॐ वसवे नमः । 270 ॥

ॐ नैकरूपाय नमः ।
ॐ बृहद्रूपाय नमः ।
ॐ शिपिविष्टाय नमः ।
ॐ प्रकाशनाय नमः ।
ॐ ओजस्तेजोद्युतिधराय नमः ।
ॐ प्रकाशात्मने नमः ।
ॐ प्रतापनाय नमः ।
ॐ ऋद्धाय नमः ।
ॐ स्पष्टाक्षराय नमः ।
ॐ मंत्राय नमः । 280 ॥

ॐ चंद्रांशवे नमः ।
ॐ भास्करद्युतये नमः ।
ॐ अमृतांशूद्भवाय नमः ।
ॐ भानवे नमः ।
ॐ शशिबिंदवे नमः ।
ॐ सुरेश्वराय नमः ।
ॐ औषधाय नमः ।
ॐ जगतस्सेतवे नमः ।
ॐ सत्यधर्मपराक्रमाय नमः ।
ॐ भूतभव्यभवन्नाथाय नमः । 290 ॥

ॐ पवनाय नमः ।
ॐ पावनाय नमः ।
ॐ अनलाय नमः ।
ॐ कामघ्ने नमः ।
ॐ कामकृते नमः ।
ॐ कांताय नमः ।
ॐ कामाय नमः ।
ॐ कामप्रदाय नमः ।
ॐ प्रभवे नमः ।
ॐ युगादिकृते नमः । 300 ॥

ॐ युगावर्ताय नमः ।
ॐ नैकमायाय नमः ।
ॐ महाशनाय नमः ।
ॐ अदृश्याय नमः ।
ॐ व्यक्तरूपाय नमः ।
ॐ सहस्रजिते नमः ।
ॐ अनंतजिते नमः ।
ॐ इष्टाय नमः ।
ॐ विशिष्टाय नमः ।
ॐ शिष्टेष्टाय नमः । 310 ॥

ॐ शिखंडिने नमः ।
ॐ नहुषाय नमः ।
ॐ वृषाय नमः ।
ॐ क्रोधग्ने नमः ।
ॐ क्रोधकृत्कर्त्रे नमः ।
ॐ विश्वबाहवे नमः ।
ॐ महीधराय नमः ।
ॐ अच्युताय नमः ।
ॐ प्रथिताय नमः ।
ॐ प्राणाय नमः । 320 ॥

ॐ प्राणदाय नमः ।
ॐ वासवानुजाय नमः ।
ॐ अपांनिधये नमः ।
ॐ अधिष्ठानाय नमः ।
ॐ अप्रमत्ताय नमः ।
ॐ प्रतिष्ठिताय नमः ।
ॐ स्कंदाय नमः ।
ॐ स्कंदधराय नमः ।
ॐ धुर्याय नमः ।
ॐ वरदाय नमः ।
ॐ वायुवाहनाय नमः ।
ॐ वासुदेवाय नमः ।
ॐ बृहद्भानवे नमः ।
ॐ आदिदेवाय नमः ।
ॐ पुरंदराय नमः ।
ॐ अशोकाय नमः ।
ॐ तारणाय नमः ।
ॐ ताराय नमः ।
ॐ शूराय नमः ।
ॐ शौरये नमः । 340 ॥

ॐ जनेश्वराय नमः ।
ॐ अनुकूलाय नमः ।
ॐ शतावर्ताय नमः ।
ॐ पद्मिने नमः ।
ॐ पद्मनिभेक्षणाय नमः ।
ॐ पद्मनाभाय नमः ।
ॐ अरविंदाक्षाय नमः ।
ॐ पद्मगर्भाय नमः ।
ॐ शरीरभृते नमः ।
ॐ महर्धये नमः । 350 ॥

ॐ ऋद्धाय नमः ।
ॐ वृद्धात्मने नमः ।
ॐ महाक्षाय नमः ।
ॐ गरुडध्वजाय नमः ।
ॐ अतुलाय नमः ।
ॐ शरभाय नमः ।
ॐ भीमाय नमः ।
ॐ समयज्ञाय नमः ।
ॐ हविर्हरये नमः ।
ॐ सर्वलक्षणलक्षण्याय नमः ।
ॐ लक्ष्मीवते नमः ।
ॐ समितिंजयाय नमः ।
ॐ विक्षराय नमः ।
ॐ रोहिताय नमः ।
ॐ मार्गाय नमः ।
ॐ हेतवे नमः ।
ॐ दामोदराय नमः ।
ॐ सहाय नमः ।
ॐ महीधराय नमः ।
ॐ महाभागाय नमः । 370 ॥

ॐ वेगवते नमः ।
ॐ अमिताशनाय नमः ।
ॐ उद्भवाय नमः ।
ॐ क्षोभणाय नमः ।
ॐ देवाय नमः ।
ॐ श्रीगर्भाय नमः ।
ॐ परमेश्वराय नमः ।
ॐ करणाय नमः ।
ॐ कारणाय नमः ।
ॐ कर्त्रे नमः । 380 ॥

ॐ विकर्त्रे नमः ।
ॐ गहनाय नमः ।
ॐ गुहाय नमः ।
ॐ व्यवसायाय नमः ।
ॐ व्यवस्थानाय नमः ।
ॐ संस्थानाय नमः ।
ॐ स्थानदाय नमः ।
ॐ ध्रुवाय नमः ।
ॐ परर्धये नमः ।
ॐ परमस्पष्टाय नमः ।
ॐ तुष्टाय नमः ।
ॐ पुष्टाय नमः ।
ॐ शुभेक्षणाय नमः ।
ॐ रामाय नमः ।
ॐ विरामाय नमः ।
ॐ विरजाय नमः ।
ॐ मार्गाय नमः ।
ॐ नेयाय नमः ।
ॐ नयाय नमः ।
ॐ अनयाय नमः । 400 ॥

ॐ वीराय नमः ।
ॐ शक्तिमतां श्रेष्ठाय नमः ।
ॐ धर्माय नमः ।
ॐ धर्मविदुत्तमाय नमः ।
ॐ वैकुंठाय नमः ।
ॐ पुरुषाय नमः ।
ॐ प्राणाय नमः ।
ॐ प्राणदाय नमः ।
ॐ प्रणवाय नमः ।
ॐ पृथवे नमः ।
ॐ हिरण्यगर्भाय नमः ।
ॐ शत्रुघ्नाय नमः ।
ॐ व्याप्ताय नमः ।
ॐ वायवे नमः ।
ॐ अधोक्षजाय नमः ।
ॐ ऋतवे नमः ।
ॐ सुदर्शनाय नमः ।
ॐ कालाय नमः ।
ॐ परमेष्ठिने नमः ।
ॐ परिग्रहाय नमः । 420 ॥

ॐ उग्राय नमः ।
ॐ संवत्सराय नमः ।
ॐ दक्षाय नमः ।
ॐ विश्रामाय नमः ।
ॐ विश्वदक्षिणाय नमः ।
ॐ विस्ताराय नमः ।
ॐ स्थावरस्थाणवे नमः ।
ॐ प्रमाणाय नमः ।
ॐ बीजाय अव्ययाय नमः ।
ॐ अर्थाय नमः । 430 ॥

ॐ अनर्थाय नमः ।
ॐ महाकोशाय नमः ।
ॐ महाभोगाय नमः ।
ॐ महाधनाय नमः ।
ॐ अनिर्विण्णाय नमः ।
ॐ स्थविष्ठाय नमः ।
ॐ भुवे नमः ।
ॐ धर्मयूपाय नमः ।
ॐ महामखाय नमः ।
ॐ नक्षत्रनेमये नमः । 440 ॥

ॐ नक्षित्रिणे नमः ।
ॐ क्षमाय नमः ।
ॐ क्षामाय नमः ।
ॐ समीहनाय नमः ।
ॐ यज्ञाय नमः ।
ॐ इज्याय नमः ।
ॐ महेज्याय नमः ।
ॐ क्रतवे नमः ।
ॐ सत्राय नमः ।
ॐ सतांगतये नमः । 450 ॥

ॐ सर्वदर्शिने नमः ।
ॐ विमुक्तात्मने नमः ।
ॐ सर्वज्ञाय नमः ।
ॐ ज्ञानमुत्तमाय नमः ।
ॐ सुव्रताय नमः ।
ॐ सुमुखाय नमः ।
ॐ सूक्ष्माय नमः ।
ॐ सुघोषाय नमः ।
ॐ सुखदाय नमः ।
ॐ सुहृदे नमः । 460 ॥

ॐ मनोहराय नमः ।
ॐ जितक्रोधाय नमः ।
ॐ वीरबाहवे नमः ।
ॐ विदारणाय नमः ।
ॐ स्वापनाय नमः ।
ॐ स्ववशाय नमः ।
ॐ व्यापिने नमः ।
ॐ नैकात्मने नमः ।
ॐ नैककर्मकृते नमः ।
ॐ वत्सराय नमः । 470 ॥

ॐ वत्सलाय नमः ।
ॐ वत्सिने नमः ।
ॐ रत्नगर्भाय नमः ।
ॐ धनेश्वराय नमः ।
ॐ धर्मगुप्ते नमः ।
ॐ धर्मकृते नमः ।
ॐ धर्मिणे नमः ।
ॐ सते नमः ।
ॐ असते नमः ।
ॐ क्षराय नमः । 480 ॥

ॐ अक्षराय नमः ।
ॐ अविज्ञात्रे नमः ।
ॐ सहस्रांशवे नमः ।
ॐ विधात्रे नमः ।
ॐ कृतलक्षणाय नमः ।
ॐ गभस्तिनेमये नमः ।
ॐ सत्त्वस्थाय नमः ।
ॐ सिंहाय नमः ।
ॐ भूतमहेश्वराय नमः ।
ॐ आदिदेवाय नमः । 490 ॥

ॐ महादेवाय नमः ।
ॐ देवेशाय नमः ।
ॐ देवभृद्गुरवे नमः ।
ॐ उत्तराय नमः ।
ॐ गोपतये नमः ।
ॐ गोप्त्रे नमः ।
ॐ ज्ञानगम्याय नमः ।
ॐ पुरातनाय नमः ।
ॐ शरीरभूतभृते नमः ।
ॐ भोक्त्रे नमः । 500 ॥

ॐ कपींद्राय नमः ।
ॐ भूरिदक्षिणाय नमः ।
ॐ सोमपाय नमः ।
ॐ अमृतपाय नमः ।
ॐ सोमाय नमः ।
ॐ पुरुजिते नमः ।
ॐ पुरुसत्तमाय नमः ।
ॐ विनयाय नमः ।
ॐ जयाय नमः ।
ॐ सत्यसंधाय नमः । 510 ॥

ॐ दाशार्हाय नमः ।
ॐ सात्वतां पतये नमः ।
ॐ जीवाय नमः ।
ॐ विनयितासाक्षिणे नमः ।
ॐ मुकुंदाय नमः ।
ॐ अमितविक्रमाय नमः ।
ॐ अंभोनिधये नमः ।
ॐ अनंतात्मने नमः ।
ॐ महोदधिशयाय नमः ।
ॐ अंतकाय नमः । 520 ॥

ॐ अजाय नमः ।
ॐ महार्हाय नमः ।
ॐ स्वाभाव्याय नमः ।
ॐ जितामित्राय नमः ।
ॐ प्रमोदनाय नमः ।
ॐ आनंदाय नमः ।
ॐ नंदनाय नमः ।
ॐ नंदाय नमः ।
ॐ सत्यधर्मणे नमः ।
ॐ त्रिविक्रमाय नमः । 530 ॥

ॐ महर्षये कपिलाचार्याय नमः ।
ॐ कृतज्ञाय नमः ।
ॐ मेदिनीपतये नमः ।
ॐ त्रिपदाय नमः ।
ॐ त्रिदशाध्यक्षाय नमः ।
ॐ महाशृंगाय नमः ।
ॐ कृतांतकृते नमः ।
ॐ महावराहाय नमः ।
ॐ गोविंदाय नमः ।
ॐ सुषेणाय नमः । 540 ॥

ॐ कनकांगदिने नमः ।
ॐ गुह्याय नमः ।
ॐ गभीराय नमः ।
ॐ गहनाय नमः ।
ॐ गुप्ताय नमः ।
ॐ चक्रगदाधराय नमः ।
ॐ वेधसे नमः ।
ॐ स्वांगाय नमः ।
ॐ अजिताय नमः ।
ॐ कृष्णाय नमः । 550 ॥

ॐ दृढाय नमः ।
ॐ संकर्षणाय अच्युताय नमः ।
ॐ वरुणाय नमः ।
ॐ वारुणाय नमः ।
ॐ वृक्षाय नमः ।
ॐ पुष्कराक्षाय नमः ।
ॐ महामनसे नमः ।
ॐ भगवते नमः ।
ॐ भगघ्ने नमः ।
ॐ आनंदिने नमः । 560 ॥

ॐ वनमालिने नमः ।
ॐ हलायुधाय नमः ।
ॐ आदित्याय नमः ।
ॐ ज्योतिरादित्याय नमः ।
ॐ सहिष्णुवे नमः ।
ॐ गतिसत्तमाय नमः ।
ॐ सुधन्वने नमः ।
ॐ खंडपरशवे नमः ।
ॐ दारुणाय नमः ।
ॐ द्रविणप्रदाय नमः । 570 ॥

ॐ दिवस्पृशे नमः ।
ॐ सर्वदृग्व्यासाय नमः ।
ॐ वाचस्पतये अयोनिजाय नमः ।
ॐ त्रिसाम्ने नमः ।
ॐ सामगाय नमः ।
ॐ साम्ने नमः ।
ॐ निर्वाणाय नमः ।
ॐ भेषजाय नमः ।
ॐ भिषजे नमः ।
ॐ सन्न्यासकृते नमः । 580 ॥

ॐ शमाय नमः ।
ॐ शांताय नमः ।
ॐ निष्ठायै नमः ।
ॐ शांत्यै नमः ।
ॐ परायणाय नमः ।
ॐ शुभांगाय नमः ।
ॐ शांतिदाय नमः ।
ॐ स्रष्टाय नमः ।
ॐ कुमुदाय नमः

ॐ कुवलेशयाय नमः । 590 ॥

ॐ गोहिताय नमः ।
ॐ गोपतये नमः ।
ॐ गोप्त्रे नमः ।
ॐ वृषभाक्षाय नमः ।
ॐ वृषप्रियाय नमः ।
ॐ अनिवर्तिने नमः ।
ॐ निवृत्तात्मने नमः ।
ॐ संक्षेप्त्रे नमः ।
ॐ क्षेमकृते नमः ।
ॐ शिवाय नमः । 600 ॥

ॐ श्रीवत्सवक्षसे नमः ।
ॐ श्रीवासाय नमः ।
ॐ श्रीपतये नमः ।
ॐ श्रीमतां वराय नमः ।
ॐ श्रीदाय नमः ।
ॐ श्रीशाय नमः ।
ॐ श्रीनिवासाय नमः ।
ॐ श्रीनिधये नमः ।
ॐ श्रीविभावनाय नमः ।
ॐ श्रीधराय नमः । 610 ॥

ॐ श्रीकराय नमः ।
ॐ श्रेयसे नमः ।
ॐ श्रीमते नमः ।
ॐ लोकत्रयाश्रयाय नमः ।
ॐ स्वक्षाय नमः ।
ॐ स्वंगाय नमः ।
ॐ शतानंदाय नमः ।
ॐ नंदिने नमः ।
ॐ ज्योतिर्गणेश्वराय नमः ।
ॐ विजितात्मने नमः । 620 ॥

ॐ विधेयात्मने नमः ।
ॐ सत्कीर्तये नमः ।
ॐ छिन्नसंशयाय नमः ।
ॐ उदीर्णाय नमः ।
ॐ सर्वतश्चक्षुषे नमः ।
ॐ अनीशाय नमः ।
ॐ शाश्वतस्थिराय नमः ।
ॐ भूशयाय नमः ।
ॐ भूषणाय नमः ।
ॐ भूतये नमः । 630 ॥

ॐ विशोकाय नमः ।
ॐ शोकनाशनाय नमः ।
ॐ अर्चिष्मते नमः ।
ॐ अर्चिताय नमः ।
ॐ कुंभाय नमः ।
ॐ विशुद्धात्मने नमः ।
ॐ विशोधनाय नमः ।
ॐ अनिरुद्धाय नमः ।
ॐ अप्रतिरथाय नमः ।
ॐ प्रद्युम्नाय नमः । 640 ॥

ॐ अमितविक्रमाय नमः ।
ॐ कालनेमिनिघ्ने नमः ।
ॐ वीराय नमः ।
ॐ शौरये नमः ।
ॐ शूरजनेश्वराय नमः ।
ॐ त्रिलोकात्मने नमः ।
ॐ त्रिलोकेशाय नमः ।
ॐ केशवाय नमः ।
ॐ केशिघ्ने नमः ।
ॐ हरये नमः । 650 ॥

ॐ कामदेवाय नमः ।
ॐ कामपालाय नमः ।
ॐ कामिने नमः ।
ॐ कांताय नमः ।
ॐ कृतागमाय नमः ।
ॐ अनिर्देश्यवपुषे नमः ।
ॐ विष्णवे नमः ।
ॐ वीराय नमः ।
ॐ अनंताय नमः ।
ॐ धनंजयाय नमः । 660 ॥

ॐ ब्रह्मण्याय नमः ।
ॐ ब्रह्मकृते नमः ।
ॐ ब्रह्मणे नमः ।
ॐ ब्राह्मणे नमः ।
ॐ ब्रह्माय नमः ।
ॐ ब्रह्मविवर्धनाय नमः ।
ॐ ब्रह्मविदे नमः ।
ॐ ब्राह्मणाय नमः ।
ॐ ब्रह्मिणे नमः ।
ॐ ब्रह्मज्ञाय नमः । 670 ॥

ॐ ब्राह्मणप्रियाय नमः ।
ॐ महाक्रमाय नमः ।
ॐ महाकर्मणे नमः ।
ॐ महातेजसे नमः ।
ॐ महोरगाय नमः ।
ॐ महाक्रतवे नमः ।
ॐ महायज्विने नमः ।
ॐ महायज्ञाय नमः ।
ॐ महाहविषे नमः ।
ॐ स्तव्याय नमः । 680 ॥

ॐ स्तवप्रियाय नमः ।
ॐ स्तोत्राय नमः ।
ॐ स्तुतये नमः ।
ॐ स्तोत्रे नमः ।
ॐ रणप्रियाय नमः ।
ॐ पूर्णाय नमः ।
ॐ पूरयित्रे नमः ।
ॐ पुण्याय नमः ।
ॐ पुण्यकीर्तये नमः ।
ॐ अनामयाय नमः । 690 ॥

ॐ मनोजवाय नमः ।
ॐ तीर्थकराय नमः ।
ॐ वसुरेतसे नमः ।
ॐ वसुप्रदाय नमः ।
ॐ वासुदेवाय नमः ।
ॐ वसवे नमः ।
ॐ वसुमनसे नमः ।
ॐ हविषे नमः ।
ॐ हविषे नमः ।
ॐ सद्गतये नमः । 700 ॥

ॐ सत्कृतये नमः ।
ॐ सत्तायै नमः ।
ॐ सद्भूतये नमः ।
ॐ सत्परायणाय नमः ।
ॐ शूरसेनाय नमः ।
ॐ यदुश्रेष्ठाय नमः ।
ॐ सन्निवासाय नमः ।
ॐ सुयामुनाय नमः ।
ॐ भूतावासाय नमः ।
ॐ वासुदेवाय नमः । 710 ॥

ॐ सर्वासुनिलयाय नमः ।
ॐ अनलाय नमः ।
ॐ दर्पघ्ने नमः ।
ॐ दर्पदाय नमः ।
ॐ दृप्ताय नमः ।
ॐ दुर्धराय नमः ।
ॐ अपराजिताय नमः ।
ॐ विश्वमूर्तये नमः ।
ॐ महामूर्तये नमः ।
ॐ दीप्तमूर्तये नमः । 720 ॥

ॐ अमूर्तिमते नमः ।
ॐ अनेकमूर्तये नमः ।
ॐ अव्यक्ताय नमः ।
ॐ शतमूर्तये नमः ।
ॐ शताननाय नमः ।
ॐ एकैस्मै नमः ।
ॐ नैकस्मै नमः ।
ॐ सवाय नमः ।
ॐ काय नमः ।
ॐ कस्मै नमः । 730 ॥

ॐ यस्मै नमः ।
ॐ तस्मै नमः ।
ॐ पदमनुत्तमाय नमः ।
ॐ लोकबंधवे नमः ।
ॐ लोकनाथाय नमः ।
ॐ माधवाय नमः ।
ॐ भक्तवत्सलाय नमः ।
ॐ सुवर्णवर्णाय नमः ।
ॐ हेमांगाय नमः ।
ॐ वरांगाय नमः । 740 ॥

ॐ चंदनांगदिने नमः ।
ॐ वीरघ्ने नमः ।
ॐ विषमाय नमः ।
ॐ शून्याय नमः ।
ॐ घृताशिषे नमः ।
ॐ अचलाय नमः ।
ॐ चलाय नमः ।
ॐ अमानिने नमः ।
ॐ मानदाय नमः ।
ॐ मान्याय नमः । 750 ॥

ॐ लोकस्वामिने नमः ।
ॐ त्रिलोकधृषे नमः ।
ॐ सुमेधसे नमः ।
ॐ मेधजाय नमः ।
ॐ धन्याय नमः ।
ॐ सत्यमेधसे नमः ।
ॐ धराधराय नमः ।
ॐ तेजोवृषाय नमः ।
ॐ द्युतिधराय नमः ।
ॐ सर्वशस्त्रभृतांवराय नमः । 760 ॥

ॐ प्रग्रहाय नमः ।
ॐ निग्रहाय नमः ।
ॐ व्यग्राय नमः ।
ॐ नैकशृंगाय नमः ।
ॐ गदाग्रजाय नमः ।
ॐ चतुर्मूर्तये नमः ।
ॐ चतुर्बाहवे नमः ।
ॐ चतुर्व्यूहाय नमः ।
ॐ चतुर्गतये नमः ।
ॐ चतुरात्मने नमः । 770 ॥

ॐ चतुर्भावाय नमः ।
ॐ चतुर्वेदविदे नमः ।
ॐ एकपदे नमः ।
ॐ समावर्ताय नमः ।
ॐ अनिवृत्तात्मने नमः ।
ॐ दुर्जयाय नमः ।
ॐ दुरतिक्रमाय नमः ।
ॐ दुर्लभाय नमः ।
ॐ दुर्गमाय नमः ।
ॐ दुर्गाय नमः । 780 ॥

ॐ दुरावासाय नमः ।
ॐ दुरारिघ्ने नमः ।
ॐ शुभांगाय नमः ।
ॐ लोकसारंगाय नमः ।
ॐ सुतंतवे नमः ।
ॐ तंतुवर्धनाय नमः ।
ॐ इंद्रकर्मणे नमः ।
ॐ महाकर्मणे नमः ।
ॐ कृतकर्मणे नमः ।
ॐ कृतागमाय नमः । 790 ॥

ॐ उद्भवाय नमः ।
ॐ सुंदराय नमः ।
ॐ सुंदाय नमः ।
ॐ रत्ननाभाय नमः ।
ॐ सुलोचनाय नमः ।
ॐ अर्काय नमः ।
ॐ वाजसनाय नमः ।
ॐ शृंगिने नमः ।
ॐ जयंताय नमः ।
ॐ सर्वविज्जयिने नमः । 800 ॥

ॐ सुवर्ण बिंदवे नमः
ॐ अक्षोभ्याय नमः ।
ॐ सर्ववागीश्वरेश्वराय नमः ।
ॐ महाह्रदाय नमः ।
ॐ महागर्ताय नमः ।
ॐ महाभूताय नमः ।
ॐ महानिधये नमः ।
ॐ कुमुदाय नमः ।
ॐ कुंदराय नमः ।
ॐ कुंदाय नमः । 810 ॥

ॐ पर्जन्याय नमः ।
ॐ पावनाय नमः ।
ॐ अनिलाय नमः ।
ॐ अमृतांशाय नमः ।
ॐ अमृतवपुषे नमः ।
ॐ सर्वज्ञाय नमः ।
ॐ सर्वतोमुखाय नमः ।
ॐ सुलभाय नमः ।
ॐ सुव्रताय नमः ।
ॐ सिद्धाय नमः । 820 ॥

ॐ शत्रुजिते नमः ।
ॐ शत्रुतापनाय नमः ।
ॐ न्यग्रोधाय नमः ।
ॐ उदुंबराय नमः ।
ॐ अश्वत्थाय नमः ।
ॐ चाणूरांध्रनिषूदनाय नमः ।
ॐ सहस्रार्चिषे नमः ।
ॐ सप्तजिह्वाय नमः ।
ॐ सप्तैधसे नमः ।
ॐ सप्तवाहनाय नमः । 830 ॥

ॐ अमूर्तये नमः ।
ॐ अनघाय नमः ।
ॐ अचिंत्याय नमः ।
ॐ भयकृते नमः ।
ॐ भयनाशनाय नमः ।
ॐ अणवे नमः ।
ॐ बृहते नमः ।
ॐ कृशाय नमः ।
ॐ स्थूलाय नमः ।
ॐ गुणभृते नमः । 840 ॥

ॐ निर्गुणाय नमः ।
ॐ महते नमः ।
ॐ अधृताय नमः ।
ॐ स्वधृताय नमः ।
ॐ स्वास्थ्याय नमः ।
ॐ प्राग्वंशाय नमः ।
ॐ वंशवर्धनाय नमः ।
ॐ भारभृते नमः ।
ॐ कथिताय नमः ।
ॐ योगिने नमः । 850 ॥

ॐ योगीशाय नमः ।
ॐ सर्वकामदाय नमः ।
ॐ आश्रमाय नमः ।
ॐ श्रमणाय नमः ।
ॐ क्षामाय नमः ।
ॐ सुपर्णाय नमः ।
ॐ वायुवाहनाय नमः ।
ॐ धनुर्धराय नमः ।
ॐ धनुर्वेदाय नमः ।
ॐ दंडाय नमः । 860 ॥

ॐ दमयित्रे नमः ।
ॐ दमाय नमः ।
ॐ अपराजिताय नमः ।
ॐ सर्वसहाय नमः ।
ॐ नियंत्रे नमः ।
ॐ नियमाय नमः ।
ॐ यमाय नमः ।
ॐ सत्त्ववते नमः ।
ॐ सात्त्विकाय नमः ।
ॐ सत्याय नमः । 870 ॥

ॐ सत्यधर्मपरायणाय नमः ।
ॐ अभिप्रायाय नमः ।
ॐ प्रियार्हाय नमः ।
ॐ अर्हाय नमः ।
ॐ प्रियकृते नमः ।
ॐ प्रीतिवर्धनाय नमः ।
ॐ विहायसगतये नमः ।
ॐ ज्योतिषे नमः ।
ॐ सुरुचये नमः ।

ॐ हुतभुजे नमः । 880 ॥

ॐ विभवे नमः ।
ॐ रवये नमः ।
ॐ विरोचनाय नमः ।
ॐ सूर्याय नमः ।
ॐ सवित्रे नमः ।
ॐ रविलोचनाय नमः ।
ॐ अनंताय नमः ।
ॐ हुतभुजे नमः ।
ॐ भोक्त्रे नमः ।
ॐ सुखदाय नमः । 890 ॥

ॐ नैकजाय नमः ।
ॐ अग्रजाय नमः ।
ॐ अनिर्विण्णाय नमः ।
ॐ सदामर्षिणे नमः ।
ॐ लोकाधिष्ठानाय नमः ।
ॐ अद्भुताय नमः ।
ॐ सनातनाय नमः ।
ॐ सनातनतमाय नमः ।
ॐ कपिलाय नमः ।
ॐ कपये नमः । 900 ॥

ॐ अव्ययाय नमः ।
ॐ स्वस्तिदाय नमः ।
ॐ स्वस्तिकृते नमः ।
ॐ स्वस्तये नमः ।
ॐ स्वस्तिभुजे नमः ।
ॐ स्वस्तिदक्षिणाय नमः ।
ॐ अरौद्राय नमः ।
ॐ कुंडलिने नमः ।
ॐ चक्रिणे नमः ।
ॐ विक्रमिणे नमः । 910 ॥

ॐ उर्जितशासनाय नमः ।
ॐ शब्दातिगाय नमः ।
ॐ शब्दसहाय नमः ।
ॐ शिशिराय नमः ।
ॐ शर्वरीकराय नमः ।
ॐ अक्रूराय नमः ।
ॐ पेशलाय नमः ।
ॐ दक्षाय नमः ।
ॐ दक्षिणाय नमः ।
ॐ क्षमिणां वराय नमः । 920 ॥

ॐ विद्वत्तमाय नमः ।
ॐ वीतभयाय नमः ।
ॐ पुण्यश्रवणकीर्तनाय नमः ।
ॐ उत्तारणाय नमः ।
ॐ दुष्कृतिघ्ने नमः ।
ॐ पुण्याय नमः ।
ॐ दुस्वप्ननाशाय नमः ।
ॐ वीरघ्ने नमः ।
ॐ रक्षणाय नमः ।
ॐ सद्भ्यो नमः । 930 ॥

ॐ जीवनाय नमः ।
ॐ पर्यवस्थिताय नमः ।
ॐ अनंतरूपाय नमः ।
ॐ अनंतश्रिये नमः ।
ॐ जितमन्यवे नमः ।
ॐ भयापहाय नमः ।
ॐ चतुरश्राय नमः ।
ॐ गभीरात्मने नमः ।
ॐ विदिशाय नमः ।
ॐ व्याधिशाय नमः । 940 ॥

ॐ दिशाय नमः ।
ॐ अनादये नमः ।
ॐ भूर्भुवाय नमः ।
ॐ लक्ष्मै नमः ।
ॐ सुवीराय नमः ।
ॐ रुचिरांगदाय नमः ।
ॐ जननाय नमः ।
ॐ जनजन्मादये नमः ।
ॐ भीमाय नमः ।
ॐ भीमपराक्रमाय नमः । 950 ॥

ॐ आधारनिलयाय नमः ।
ॐ धात्रे नमः ।
ॐ पुष्पहासाय नमः ।
ॐ प्रजागराय नमः ।
ॐ उर्ध्वगाय नमः ।
ॐ सत्पथाचाराय नमः ।
ॐ प्राणदाय नमः ।
ॐ प्रणवाय नमः ।
ॐ पणाय नमः ।
ॐ प्रमाणाय नमः । 960 ॥

ॐ प्राणनिलयाय नमः ।
ॐ प्राणभृते नमः ।
ॐ प्राणजीवनाय नमः ।
ॐ तत्त्वाय नमः ।
ॐ तत्त्वविदे नमः ।
ॐ एकात्मने नमः ।
ॐ जन्ममृत्युजरातिगाय नमः ।
ॐ भुर्भुवः स्वस्तरवे नमः
ॐ ताराय नमः ।
ॐ सवित्रे नमः । 970 ॥

ॐ प्रपितामहाय नमः ।
ॐ यज्ञाय नमः ।
ॐ यज्ञपतये नमः ।
ॐ यज्वने नमः ।
ॐ यज्ञांगाय नमः ।
ॐ यज्ञवाहनाय नमः ।
ॐ यज्ञभृते नमः ।
ॐ यज्ञकृते नमः ।
ॐ यज्ञिने नमः ।
ॐ यज्ञभुजे नमः । 980 ॥

ॐ यज्ञसाधनाय नमः ।
ॐ यज्ञांतकृते नमः ।
ॐ यज्ञगुह्याय नमः ।
ॐ अन्नाय नमः ।
ॐ अन्नदाय नमः ।
ॐ आत्मयोनये नमः ।
ॐ स्वयंजाताय नमः ।
ॐ वैखानाय नमः ।
ॐ सामगायनाय नमः ।
ॐ देवकीनंदनाय नमः । 990 ॥

ॐ स्रष्ट्रे नमः ।
ॐ क्षितीशाय नमः ।
ॐ पापनाशनाय नमः ।
ॐ शंखभृते नमः ।
ॐ नंदकिने नमः ।
ॐ चक्रिणे नमः ।
ॐ शर्ङ्गधन्वने नमः ।
ॐ गदाधराय नमः ।
ॐ रथांगपाणये नमः ।
ॐ अक्षोभ्याय नमः । 1000 ॥

ॐ सर्वप्रहरणायुधाय नमः ।

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